
मस्तिष्क तरंग माप आत्मकेंद्रित (ऑटिज़्म) का एक प्रारंभिक संकेतक
Emotiv
अद्यतन किया गया
22 नव॰ 2018

मस्तिष्क तरंग माप आत्मकेंद्रित (ऑटिज़्म) का एक प्रारंभिक संकेतक
Emotiv
अद्यतन किया गया
22 नव॰ 2018

मस्तिष्क तरंग माप आत्मकेंद्रित (ऑटिज़्म) का एक प्रारंभिक संकेतक
Emotiv
अद्यतन किया गया
22 नव॰ 2018
जापान में शोधकर्ताओं ने बच्चों में ऑटिज़्म स्पेक्ट्रम डिसऑर्डर (ASD) के संभावित निदान के रूप में मस्तिष्क में गामा दोलनों (गामा ऑसिलेशन्स) की पहचान की है। उनके निष्कर्ष द जर्नल ऑफ़ न्यूरोसाइंस में प्रकाशित हुए हैं। एएसडी एक न्यूरोडेवलपमेंटल विकार है जो संचार क्षमता, समाजीकरण और मौखिक एवं मोटर कौशल को बाधित कर सकता है। यह आमतौर पर बचपन की शुरुआत में शुरू होता है और व्यवहार के अवलोकन के माध्यम से इसका निदान किया जाता है। इसका मतलब यह है कि इस स्थिति का मूल्यांकन गलत या अनिश्चित हो सकता है, जो कि विशेष रूप से तब समस्याग्रस्त होता है जब विकासात्मक फॉलो-अप के लिए शुरुआती पहचान महत्वपूर्ण होती है। इसलिए वस्तुनिष्ठ और मापने योग्य नैदानिक संकेतों की एक मजबूत आवश्यकता है, जिन्हें बायोमार्कर के रूप में जाना जाता है... और पढ़ें
जापान में शोधकर्ताओं ने बच्चों में ऑटिज़्म स्पेक्ट्रम डिसऑर्डर (ASD) के संभावित निदान के रूप में मस्तिष्क में गामा दोलनों (गामा ऑसिलेशन्स) की पहचान की है। उनके निष्कर्ष द जर्नल ऑफ़ न्यूरोसाइंस में प्रकाशित हुए हैं। एएसडी एक न्यूरोडेवलपमेंटल विकार है जो संचार क्षमता, समाजीकरण और मौखिक एवं मोटर कौशल को बाधित कर सकता है। यह आमतौर पर बचपन की शुरुआत में शुरू होता है और व्यवहार के अवलोकन के माध्यम से इसका निदान किया जाता है। इसका मतलब यह है कि इस स्थिति का मूल्यांकन गलत या अनिश्चित हो सकता है, जो कि विशेष रूप से तब समस्याग्रस्त होता है जब विकासात्मक फॉलो-अप के लिए शुरुआती पहचान महत्वपूर्ण होती है। इसलिए वस्तुनिष्ठ और मापने योग्य नैदानिक संकेतों की एक मजबूत आवश्यकता है, जिन्हें बायोमार्कर के रूप में जाना जाता है... और पढ़ें
जापान में शोधकर्ताओं ने बच्चों में ऑटिज़्म स्पेक्ट्रम डिसऑर्डर (ASD) के संभावित निदान के रूप में मस्तिष्क में गामा दोलनों (गामा ऑसिलेशन्स) की पहचान की है। उनके निष्कर्ष द जर्नल ऑफ़ न्यूरोसाइंस में प्रकाशित हुए हैं। एएसडी एक न्यूरोडेवलपमेंटल विकार है जो संचार क्षमता, समाजीकरण और मौखिक एवं मोटर कौशल को बाधित कर सकता है। यह आमतौर पर बचपन की शुरुआत में शुरू होता है और व्यवहार के अवलोकन के माध्यम से इसका निदान किया जाता है। इसका मतलब यह है कि इस स्थिति का मूल्यांकन गलत या अनिश्चित हो सकता है, जो कि विशेष रूप से तब समस्याग्रस्त होता है जब विकासात्मक फॉलो-अप के लिए शुरुआती पहचान महत्वपूर्ण होती है। इसलिए वस्तुनिष्ठ और मापने योग्य नैदानिक संकेतों की एक मजबूत आवश्यकता है, जिन्हें बायोमार्कर के रूप में जाना जाता है... और पढ़ें